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कूनो में नामीबियाई चीता ‘गौरव’ की मौत, इलाज के दौरान थमी सांसें; भारत में अब 55 चीते

श्योपुर: मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए नर चीते ‘गौरव’ की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। कूनो पार्क प्रबंधन के मुताबिक, गौरव की उम्र 10 साल से अधिक थी। उसे 12 सितंबर को जंगल में कमजोर और सुस्त हालत में पाया गया था, जिसके बाद उसका रेस्क्यू कर इलाज शुरू किया गया।

इलाज के दौरान हालत में नहीं हुआ सुधार

कूनो प्रबंधन के अनुसार, रेस्क्यू के बाद मेडिकल जांच में गौरव की मांसपेशियां कमजोर पाई गईं और वह गंभीर डिहाइड्रेशन से जूझ रहा था। उसे इलाज और निगरानी के लिए पालपुर स्थित क्वारेंटाइन बोमा में रखा गया था। शुरुआती जांच में उसके किसी पुरानी या गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की आशंका भी जताई गई थी। डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी रहने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और सोमवार शाम करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया।

अधिकारियों के मुताबिक, गौरव की मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मौत के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा और जांच के लिए लिए गए सैंपल की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। इन रिपोर्टों के बाद ही मौत की सही वजह सामने आ सकेगी।

प्रोजेक्ट चीता के निदेशक ने दी जानकारी

प्रोजेक्ट चीता के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि गौरव को जंगल से कमजोर हालत में रेस्क्यू किया गया था और पालपुर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पशु चिकित्सकों ने गौरव के किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित होने की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

गौरव की मौत के बाद देश में अब 55 चीते

गौरव की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब 51 चीते रह गए हैं। इनमें 36 चीते भारत में पैदा हुए हैं। कूनो के 16 चीते फिलहाल जंगल में खुले क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। वहीं, गांधी सागर अभयारण्य में 4 चीते मौजूद हैं। इस तरह गौरव की मौत के बाद देश में चीतों की कुल संख्या 55 रह गई है।