झारखंड में 5 फरवरी से शुरू हो सकती हैं 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं, 7.50 लाख छात्र देंगे एग्जाम; 8वीं-9वीं का भी शेड्यूल तैयार
नवंबर के अंत तक जारी होगा परीक्षा कार्यक्रम
जैक ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं फरवरी में ही पूरी कराने की तैयारी की है। बोर्ड की ओर से नवंबर के अंतिम सप्ताह तक विषयवार परीक्षा कार्यक्रम जारी किया जा सकता है। इसके साथ ही अप्रैल 2027 के अंत तक मैट्रिक और इंटरमीडिएट के विज्ञान, कला और वाणिज्य तीनों संकायों का परिणाम घोषित करने की योजना बनाई जा रही है।
7.50 लाख से अधिक विद्यार्थी देंगे मैट्रिक-इंटर की परीक्षा
इस बार झारखंड में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में 7.50 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के शामिल होने का अनुमान है। आंकड़ों के मुताबिक, मैट्रिक में करीब 4.30 लाख विद्यार्थी परीक्षा दे सकते हैं। वहीं, इंटरमीडिएट के तीनों संकायों को मिलाकर लगभग 3.30 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। पिछले कुछ वर्षों में भी परीक्षार्थियों की संख्या इसी के आसपास रही है।
फरवरी के अंतिम सप्ताह में होंगी 8वीं, 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं
मैट्रिक और इंटरमीडिएट के अलावा जैक आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं भी फरवरी 2027 के अंतिम सप्ताह में आयोजित करेगा। इन परीक्षाओं के लिए ओएमआर शीट का इस्तेमाल किया जाएगा। नौवीं और 11वीं की परीक्षाएं मैट्रिक और इंटरमीडिएट के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर ही आयोजित होंगी। इसके लिए बोर्ड को अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी होंगी।
31 मार्च से पहले जारी करना होगा आठवीं, नौवीं और 11वीं का रिजल्ट
राज्य सरकार ने जैक को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 की आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम हर हाल में 31 मार्च 2027 से पहले जारी किए जाएं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया समय पर पूरी करना है। सरकार चाहती है कि परीक्षा परिणाम में देरी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई और नए शैक्षणिक सत्र पर कोई असर नहीं पड़े।
अप्रैल के अंत तक आएगा 10वीं-12वीं का परिणाम
जैक की योजना के अनुसार, मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं फरवरी में पूरी होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक दोनों परीक्षाओं के परिणाम जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और नामांकन की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

