हरियाणा में BJP की कमजोर सीटों पर मंथन, पंचकूला पहुंचीं स्मृति ईरानी; 42 हारी हुई सीटों का लेंगी फीडबैक
दो दिन तक चलेगा बैठकों का दौर
हरियाणा भाजपा के मीडिया प्रभारी एवं वरिष्ठ प्रवक्ता संजय शर्मा के मुताबिक, स्मृति ईरानी के दौरे के दौरान दो दिन तक लगातार बैठकें होंगी। इनमें प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों से लेकर पूर्व सांसदों और जिला अध्यक्षों तक के साथ चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश प्रभारी के तौर पर स्मृति ईरानी पहली बार इन बैठकों की अगुवाई कर रही हैं। इस दौरान वह पार्टी के नेताओं से परिचित होने के साथ-साथ प्रदेश में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी भी लेंगी।
पहले दिन अलग-अलग स्तर के नेताओं से चर्चा
22 अक्टूबर को बैठकों के पहले दिन प्रदेश संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। सुबह 10 से 11 बजे तक प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री और प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक होगी। इसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रदेश पदाधिकारियों और दोपहर 12 से 1 बजे तक जिला प्रभारियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।
दोपहर 1 से 2 बजे तक जिलाध्यक्षों के साथ बैठक होगी। इसके बाद दोपहर 3 से 4 बजे तक पूर्व जनप्रतिनिधियों से बातचीत की जाएगी। इस बैठक में खास तौर पर उन नेताओं को शामिल किया जाएगा, जो वर्ष 2009, 2014 और 2019 में विधायक रहे हैं।
तीन कार्यकाल तक पदाधिकारी रहे नेताओं से भी लेंगी जानकारी
बैठकों के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शाम 4:30 से 5:30 बजे तक उन नेताओं के साथ संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा होगी, जो तीन कार्यकाल तक प्रदेश पदाधिकारी रहे हैं। इसके बाद शाम 5:30 से 6:30 बजे तक बोर्ड और निगमों के अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों के साथ बैठक निर्धारित है।
इन बैठकों के जरिए प्रदेश में संगठन की मौजूदा स्थिति, नेताओं की भूमिका और पार्टी की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी।
42 हारी हुई सीटों पर रहेगा खास फोकस
स्मृति ईरानी के दौरे का प्रमुख उद्देश्य हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की कमजोरियों को समझना और हारी हुई 42 सीटों पर पार्टी की स्थिति का आकलन करना है। इन क्षेत्रों में चुनावी प्रदर्शन, हार की वजहों, संगठन की मजबूती और स्थानीय स्तर पर सामने आई चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।
बैठकों में कमजोर विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और भविष्य की चुनावी रणनीति तैयार करने पर भी मंथन होने की संभावना है।
23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ होगी बैठक
दौरे के दूसरे दिन, 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ भी विचार-विमर्श का कार्यक्रम है। इस दौरान प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
भाजपा नेतृत्व की इस कवायद को उन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन सुधारने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जहां पिछले चुनाव में उसे हार मिली थी।

