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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता, शहीद जवानों के बलिदान को CM विष्णुदेव साय ने किया नमन

रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मिली निर्णायक सफलता को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम बताया है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि दशकों तक नक्सली हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर समेत प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में अब शांति, सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है। उन्होंने अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करता रहेगा।

पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को नमन किया और शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों के परिजनों को शाल, श्रीफल तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों के बलिदान को बताया अहम

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस के साथ नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी वीरता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के कारण समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण कायम होता है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के पीछे उन असंख्य जवानों का त्याग है, जिन्होंने देश और प्रदेश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?

मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस के जवानों ने चीनी सैनिकों के एक बड़े दस्ते का बहादुरी से सामना किया था। इस संघर्ष में 10 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हीं की शहादत की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस तथा सुरक्षा बलों के जवानों को याद करने का अवसर है।

शहीदों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेने का दिन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि जब कोई जवान देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने कर्तव्य का निर्वहन करता है, तो उसके पीछे उसके पूरे परिवार का त्याग, धैर्य और साहस भी शामिल होता है।

शहीद परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री साय ने शहीद जवानों के परिजनों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की जिम्मेदारी है और यह उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अपने प्रियजनों के बलिदान को राष्ट्रसेवा के गौरव से जोड़ने वाले परिवारों का साहस पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। प्रदेश अपने अमर शहीदों और उनके परिवारों के योगदान को कभी नहीं भूलेगा।