न निकाह, न फेरे… नक्सली संगठन में ऐसे होती थी ‘शादी’, संतान रोकने के लिए नसबंदी की शर्त का भी खुलासा
रांची: आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे झारखंड, बंगाल और ओडिशा के पूर्व नक्सलियों ने संगठन के भीतर होने वाली शादियों को लेकर कई जानकारियां पुलिस को बताई हैं। उनके मुताबिक, संगठन में प्रेम संबंधों को अच्छा नहीं माना जाता था। अगर किसी महिला और पुरुष नक्सली के बीच प्रेम हो जाता और दोनों साथ जीवन बिताने का फैसला करते, तो शादी के लिए उन्हें संगठन की तय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। इसमें न निकाह होता था और न फेरे लिए जाते थे। एक-दूसरे का हाथ थामकर संगठन के लिए अंतिम सांस तक साथ लड़ने की शपथ को ही विवाह की रस्म माना जाता था।
पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, संगठन में किसी महिला और पुरुष के बीच प्रेम संबंध की जानकारी मिलने पर बड़े नेता दोनों से पूछताछ करते थे। अगर दोनों शादी के लिए तैयार होते, तो उनके सामने सबसे अहम शर्त रखी जाती थी कि वे भविष्य में बच्चे पैदा नहीं करेंगे। संगठन में संतान को जिम्मेदारी और काम में बाधा के तौर पर देखा जाता था।
शादी से पहले संतान न पैदा करने की शर्त
पूर्व नक्सलियों के अनुसार, दोनों से पहले ही यह शर्त स्वीकार कराई जाती थी कि शादी के बाद बच्चे नहीं होंगे। संगठन की सोच थी कि अगर संतान नहीं होगी तो परिवार की चिंता नहीं रहेगी और दंपती पूरी तरह संगठन के लिए काम कर सकेंगे।
बताया गया कि इस शर्त को भविष्य में टूटने से रोकने के लिए कई नक्सली दंपतियों की नसबंदी भी कराई जाती थी। संगठन की ओर से इसे संतान न होने की शर्त को स्थायी रूप से लागू करने के उपाय के तौर पर अपनाया जाता था।
पीएलजी की टोपी पहनाकर लेते थे शपथ

पूर्व नक्सलियों ने बताया कि संगठन में शादी के दौरान सामान्य वैवाहिक रस्में नहीं होती थीं। दंपती को पीएलजी की टोपी पहनाई जाती थी। इसके बाद दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर संगठन और अपने साथी के साथ अंतिम सांस तक रहने की शपथ लेते थे।
हालांकि, इस आयोजन में दोनों परिवारों के सदस्यों के साथ आसपास के गांव के लोगों को भी शामिल किया जाता था। शादी के मौके पर साग-भात का भोज भी होता था। इस पूरी प्रक्रिया के बाद दोनों को पति-पत्नी माना जाता था।
शादी के बाद भी दंपती का जीवन सामान्य पारिवारिक व्यवस्था के बजाय संगठन की गतिविधियों के अनुसार चलता था। उनकी प्राथमिकता संगठन के काम और उसके निर्देशों के मुताबिक तय होती थी।


