MP के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, मोहन सरकार ने 2% बढ़ाया DA; पेंशनर्स को भी मिली बड़ी राहत
कब से मिलेगा बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ?
मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान अक्टूबर महीने के वेतन के साथ किया जाएगा, जो नवंबर में मिलेगा। वहीं जनवरी से सितंबर 2026 तक के नौ महीने के बकाया एरियर का भुगतान तीन समान मासिक किस्तों में किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। दिवाली से पहले हुई इस घोषणा को सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
MP कर्मचारियों का DA बढ़कर 60 प्रतिशत हुआ
महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों का कुल डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। इससे पहले केंद्र सरकार भी अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि कर चुकी है, जिसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का कुल डीए 63 प्रतिशत हो गया था।
अब मध्य प्रदेश सरकार के फैसले के बाद दोनों के बीच महंगाई भत्ते का अंतर घटकर 3 प्रतिशत रह गया है। हालांकि, केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के डीए में अभी भी इतना अंतर बना रहेगा।
पेंशनर्स को भी मिला दिवाली का तोहफा, DR में 2% की बढ़ोतरी
मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के पेंशनर्स को भी राहत देने का फैसला किया है। उनकी महंगाई राहत यानी डीआर में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।
सरकार के मुताबिक, पेंशनर्स को सितंबर 2026 से एरियर के रूप में बढ़ी हुई महंगाई राहत का भुगतान किया जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी आर्थिक फायदा पहुंचेगा।
सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के डीए में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने जा रही है। यह बढ़ोतरी जनवरी 2026 से देय होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी से सितंबर तक के नौ महीने के एरियर का भुगतान तीन समान मासिक किस्तों में किया जाएगा। वहीं अक्टूबर महीने के वेतन, जिसका भुगतान नवंबर में होगा, से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पेंशनर्स की महंगाई राहत में जुलाई 2026 से 2 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों के साथ हमेशा खड़ी है।

