झारखंड के 17 विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में छात्रों की लाखों की फीस अटकी, UGC ने मांगा जवाब
UGC की शिकायत के बाद लोकभवन ने की कार्रवाई
यूजीसी सचिव प्रो. श्यामा रथ ने इस मामले में राज्यपाल सचिवालय को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी। पत्र के साथ उन संस्थानों और प्रभावित विद्यार्थियों की सूची भी भेजी गई थी, जिनकी फीस वापसी के मामले लंबित बताए गए हैं।
इसके बाद लोकभवन ने संबंधित संस्थानों से पूछा है कि यूजीसी की फीस रिफंड नीति का पालन क्यों नहीं किया गया। संस्थानों को लंबित शिकायतों का समाधान करने के साथ-साथ अब तक फीस वापस नहीं करने का स्पष्ट कारण बताने को कहा गया है।
BIT मेसरा में 4 लाख रुपये तक की फीस लंबित
यूजीसी के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड के कई शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की बड़ी रकम फंसी हुई है। इनमें बीआईटी मेसरा में कंप्यूटर साइंस के एक छात्र के 4 लाख रुपये लंबित बताए गए हैं। वहीं, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची में कानून के विद्यार्थियों की 1.61 लाख और 1.21 लाख रुपये तक की फीस वापस नहीं किए जाने का मामला सामने आया है।
इसके अलावा एमिटी यूनिवर्सिटी, संत जेवियर्स कॉलेज और अन्य संस्थानों में भी विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों की फीस लंबित होने की जानकारी दी गई है। इन मामलों को लेकर अब संबंधित संस्थानों को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।
फीस वापसी के नियमों में क्या है प्रावधान?
यूजीसी की फीस रिफंड नीति के तहत निर्धारित समय-सीमा में दाखिला रद्द कराने वाले विद्यार्थियों को नियमानुसार फीस वापस करना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ऐसे मामलों में अधिकतम 1,000 रुपये तक प्रोसेसिंग शुल्क काटकर शेष राशि लौटाई जानी चाहिए।
नियमों का पालन नहीं करने या फीस वापसी में देरी होने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। लोकभवन ने कुलपतियों और प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि वे शिकायतों का समाधान करें और अनुपालन नहीं होने की वजह बताएं।
इन 17 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से मांगा गया जवाब
लोकभवन की ओर से जवाब-तलब किए गए संस्थानों की सूची में रांची विश्वविद्यालय, बीआईटी मेसरा, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), संत जेवियर्स कॉलेज, उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी, झारखंड राय यूनिवर्सिटी, साईंनाथ यूनिवर्सिटी, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (जमशेदपुर), इक्फाई यूनिवर्सिटी, आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी, कैपिटल यूनिवर्सिटी (कोडरमा), झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज, इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज और एमिटी लॉ स्कूल शामिल हैं।
अब इन संस्थानों को लंबित फीस वापसी के मामलों पर जवाब देना होगा। कार्रवाई का उद्देश्य विद्यार्थियों की शिकायतों का निपटारा कराना और यूजीसी के निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।

