चाइनीज मांझे से लगातार हो रहे हादसे, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार; खतरे से निपटने के लिए SOP बनाने का निर्देश
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने यह आदेश डॉक्टर कमल कुमार जायसवाल की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सरकार ने चाइनीज मांझे के इस्तेमाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग नजर आती है।
कोर्ट के मुताबिक, समय-समय पर अखबारों में ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें चाइनीज मांझे की वजह से आम लोगों के घायल होने की जानकारी दी जाती है। अदालत ने कहा कि पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयास इस खतरे से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं दिखाई दे रहे हैं।
चाइनीज मांझे पर रोक के लिए एसओपी बनाने का निर्देश
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत से यह बताने के लिए समय मांगा कि चाइनीज मांझे के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और क्या पुलिस विभाग के पास इससे निपटने के लिए कोई मानक संचालन प्रक्रिया मौजूद है।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि कार्रवाई केवल किसी एक अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे लगातार जारी रखने की व्यवस्था होनी चाहिए। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि इस संबंध में एसओपी मौजूद नहीं है, तो सरकार इसे तैयार करे और अगली सुनवाई पर कोर्ट के सामने पेश करे।
वाराणसी में चाइनीज मांझे से साड़ी कारोबारी की हुई थी मौत
चाइनीज मांझे से होने वाले खतरों का एक गंभीर मामला इसी महीने वाराणसी में सामने आया था। 11 अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे 55 वर्षीय साड़ी कारोबारी सुनील कुमार गुजराती की गर्दन कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझे से कट गई थी। वह दर्शन-पूजन के बाद मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे।
सुनील मूल रूप से चौखंभा क्षेत्र के रहने वाले थे और वहीं उनकी साड़ी की दुकान थी। उन्होंने सारनाथ के अकथा स्थित अनमोल नगर में भी मकान और बगीचा खरीदा था और इन दिनों वहीं रह रहे थे। घटना वाले दिन वह चौखंभा के गोपाल मंदिर में दर्शन करने के बाद अनमोल नगर स्थित अपने घर लौट रहे थे।
गले में फंसा धारदार मांझा, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
जानकारी के मुताबिक, कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर चलते समय चाइनीज मांझा सुनील के गले में फंस गया। धारदार मांझे से उनकी गर्दन गहराई तक कट गई। उन्होंने किसी तरह मांझा हटाया और मोटरसाइकिल से करीब 100 मीटर आगे बढ़े, लेकिन अधिक खून बहने के कारण वह बेहोश होकर गिर पड़े।
राहगीरों ने जैतपुरा पुलिस को सूचना दी और उन्हें तत्काल कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। इस घटना ने चाइनीज मांझे से होने वाले जानलेवा हादसों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

