पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने फेसबुक पर पोस्ट किया इस्तीफा, BJP में मची हलचल; समर्थकों ने भी छोड़ी पार्टी
बरेली: उत्तर प्रदेश में भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान करते हुए अपना त्यागपत्र फेसबुक पर सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने संगठन में भीतरघात करने वालों को महत्व देने और पिछड़े व अति पिछड़े समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया है। धर्मेंद्र कश्यप के इस कदम के बाद बरेली और आंवला क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके समर्थन में भाजपा के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ लोगों ने भी सोशल मीडिया पर इस्तीफे पोस्ट किए हैं।
संगठन की कार्यशैली पर उठाए सवाल
धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को संबोधित करते हुए अपना त्यागपत्र जारी किया। इसमें उन्होंने पार्टी संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ भीतरघात करने और विरोध में वोट देने वालों को संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी गईं, जबकि पिछड़े और अति पिछड़े समाज को अपेक्षित सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों से आहत होकर वह पार्टी छोड़ रहे हैं और नेतृत्व से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
6 अक्टूबर को ही दे दिए थे पार्टी छोड़ने के संकेत
धर्मेंद्र कश्यप ने छह अक्टूबर को फेसबुक पर ‘टाटा, गुड-बाय’ लिखकर भाजपा छोड़ने के संकेत दिए थे। इसी दिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लगी अपनी प्रोफाइल तस्वीर भी बदल दी थी। इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार कई पोस्ट किए। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘जोड़ लगाकर देख लो, जो भी जिसको आता है। घटाकर हमको देख लो, फिर कौन कहां रह जाता है।’ इसके बाद उन्होंने कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए पोस्ट साझा की। फिर शाम करीब पांच बजे अपना इस्तीफा सार्वजनिक कर दिया।
समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए इस्तीफे
पूर्व सांसद के पार्टी छोड़ने की घोषणा के बाद उनके समर्थन में भाजपा के अलग-अलग पदों पर कार्यरत कुछ लोगों ने भी इस्तीफे देने का ऐलान किया। इन समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अपने त्यागपत्र पोस्ट किए। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर पार्टी संगठन में हलचल बढ़ गई है। हालांकि, इस्तीफा देने वाले सभी समर्थकों की संख्या और उनके पदों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

क्षेत्रीय अध्यक्ष बोले- मुलाकात के राजनीतिक मायने न निकालें
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी ने धर्मेंद्र कश्यप के साथ अपनी मुलाकात को लेकर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र कश्यप उनके अच्छे मित्र हैं और काफी समय बाद उनसे मुलाकात हुई थी। इसकी तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की थी। पूरन लाल लोधी ने कहा कि यह एक आत्मीय मुलाकात थी और इसके राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।
पार्टी नेतृत्व के रुख पर टिकी निगाहें
धर्मेंद्र कश्यप के इस्तीफे को लेकर अब तक भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष और आंवला के जिलाध्यक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पूर्व सांसद के अगले राजनीतिक कदम को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनके इस्तीफे और समर्थकों की ओर से की गई घोषणाओं के बाद अब सबकी निगाहें भाजपा नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।


