मध्य प्रदेश

लोकायुक्त के छापे में वाणिज्यिक कर अधिकारी के पास मिली करोड़ों की संपत्ति, आय से 264% ज्यादा खर्च का खुलासा

जबलपुर: मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन की संपत्ति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी स्थित उनके आवास पर छापेमारी के दौरान करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, अधिकारी की ज्ञात आय की तुलना में 264.64 प्रतिशत अधिक संपत्ति और खर्च का पता चला है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के आधार पर की गई है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है।

शिकायत के सत्यापन के बाद दर्ज हुआ मामला

मध्य प्रदेश विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त को वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। जैन वाणिज्यिक कर विभाग में अधिकारी हैं और उनकी वर्तमान पदस्थापना दमोह में बताई गई है। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले के पास पहुंची शिकायत का सत्यापन निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया ने किया। शुरुआती जांच में शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाए जाने के बाद मनीष कुमार जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के संशोधित प्रावधानों की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

जबलपुर से भोपाल तक संपत्तियों का ब्योरा आया सामने

शिकायत पर मामला दर्ज होने के बाद लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार सुबह मनीष जैन के आवास पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर खरीदी गई जमीन, मकान और फ्लैट से संबंधित संपत्तियों का ब्योरा सामने आया है।

जांच में जबलपुर में मनीष जैन के नाम पर 278.74 वर्ग मीटर जमीन का पता चला है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 43 लाख 60 हजार 880 रुपये बताई गई है। उनकी पत्नी निधि जैन के नाम पर 116.14 वर्ग मीटर जमीन खरीदी गई है, जिसका अनुमानित मूल्य 95 लाख 6 हजार 375 रुपये बताया गया है।

इसके अलावा पत्नी निधि जैन के नाम पर 180 वर्ग मीटर जमीन पर बंगला बनाए जाने की जानकारी मिली है। इसकी अनुमानित कीमत 22 लाख 87 हजार 126 रुपये बताई गई है। जांच में 402.41 वर्ग मीटर का एक अन्य प्लॉट भी सामने आया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 13 लाख 68 हजार 550 रुपये है। भोपाल में 83.18 वर्ग मीटर के फ्लैट का पता चला है, जिसका अनुमानित मूल्य करीब 13 लाख 34 हजार 630 रुपये बताया गया है।

माता-पिता के नाम पर भी जमीन और मकान

लोकायुक्त की जांच में अधिकारी के परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियों का भी ब्योरा सामने आया है। मनीष जैन की माता शशि जैन के नाम पर सागर जिले के बंडा में 92.93 वर्ग मीटर का प्लॉट खरीदकर मकान बनाए जाने की जानकारी मिली है। इसकी अनुमानित लागत 23 लाख 49 हजार 140 रुपये बताई गई है।

वहीं, उनके पिता कोमल चंद जैन के नाम पर बंडा में 91.07 वर्ग मीटर का प्लॉट खरीदकर मकान बनाया गया है। इसकी अनुमानित लागत 43 लाख 19 हजार 388 रुपये बताई गई है। इसके अतिरिक्त बंडा में 111.48 वर्ग मीटर के एक अन्य प्लॉट पर मकान बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी अनुमानित कीमत 28 लाख 6 हजार 485 रुपये बताई गई है।

बीमा पॉलिसियों पर 33 लाख रुपये से अधिक खर्च

लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार जैन ने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर बीमा पॉलिसियां भी ली हैं। इन पॉलिसियों पर अनुमानित खर्च 33 लाख 93 हजार 986 रुपये बताया गया है। जांच में जमीन, मकान, फ्लैट और बीमा पॉलिसियों सहित विभिन्न मदों में किए गए खर्च का आकलन किया जा रहा है।

1.03 करोड़ की आय के मुकाबले 3.78 करोड़ रुपये खर्च

लोकायुक्त की अब तक की जांच के अनुसार, मनीष कुमार जैन की कुल आय 1 करोड़ 3 लाख 73 हजार 317 रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले कुल 3 करोड़ 78 लाख 25 हजार 707 रुपये का खर्च सामने आया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह खर्च उनकी कुल अर्जित आय से 264.64 प्रतिशत अधिक है।

फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई और जांच जारी है। सामने आई संपत्तियों, उनके मूल्यांकन और आय के स्रोतों की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होगी।