हरियाणा की बेटी आशा ने रचा बड़ा इतिहास, सिर्फ 6 दिनों में यूरोप-अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटियां फतह; दोनों पर फहराया तिरंगा
चंडीगढ़: हरियाणा की पर्वतारोही आशा ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में शानदार उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने महज 6 दिनों के भीतर यूरोप और अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटियों पर पहुंचकर वहां तिरंगा फहराया। इस उपलब्धि से हरियाणा के साथ पूरे देश में खुशी का माहौल है।
पहले माउंट एल्ब्रस, फिर किलिमंजारो पर फहराया तिरंगा
आशा ने अपने अभियान की शुरुआत यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस से की। उन्होंने इस चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी कर भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद उन्होंने बिना रुके अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का रुख किया और वहां भी तिरंगा लहराया।
दोनों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को महज 6 दिनों में फतह करना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस अभियान के लिए पर्वतारोही को शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मजबूत मानसिक दृढ़ता की भी जरूरत होती है।
बर्फीली हवाओं और कम ऑक्सीजन के बीच हासिल की कामयाबी

अभियान के दौरान आशा को कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। अत्यधिक ठंड, बर्फीली हवाओं और ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर कम होने जैसी चुनौतियां उनके सामने थीं। इसके बावजूद उन्होंने हौसला बनाए रखा और दोनों चोटियों पर सफलतापूर्वक पहुंचने में कामयाब रहीं।
हरियाणा की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
आशा की इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है। उनकी सफलता को हरियाणा की बेटियों के लिए प्रेरणा का नया उदाहरण बताया जा रहा है। यह उपलब्धि दिखाती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार मेहनत के दम पर बेहद कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।


