अंबाला में 125 साल पुरानी वामन द्वादशी मेले की धूम, CM नायब सैनी ने भगवान के किए दर्शन; श्रद्धालुओं से भी की मुलाकात
अंबाला: ऐतिहासिक वामन द्वादशी मेले की शुरुआत हो गई है। 21 से 23 सितंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी पहुंच रहे हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मेले में शामिल हुए। उन्होंने वामन भगवान के दर्शन कर माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मेले में आए श्रद्धालुओं से मुलाकात भी की।
125 साल से चली आ रही मेले की परंपरा
अंबाला का वामन द्वादशी मेला केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा है। इस मेले के आयोजन की परंपरा 125 साल से अधिक पुरानी बताई जाती है। हर साल तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में धार्मिक परंपराओं के साथ विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
पहले दिन सजते हैं हिंडोले
मेले की परंपरा के मुताबिक पहले दिन हिंडोलों को विराजमान किया जाता है। इसके बाद दूसरे दिन खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। शाम के समय मेले में भव्य रोशनी की जाती है, जिससे आयोजन का आकर्षण और बढ़ जाता है।
शोभायात्रा के बाद नवरंग राय तालाब में विसर्जन

मेले के तीसरे और अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। इसके बाद परंपरा के अनुसार हिंडोलों को ऐतिहासिक नवरंग राय तालाब में विधि-विधान के साथ विसर्जित किया जाता है। इसी के साथ तीन दिवसीय वामन द्वादशी मेले का समापन होता है।
आस्था और विरासत का संगम है वामन द्वादशी मेला
अंबाला के लोगों के लिए वामन द्वादशी मेला आस्था, परंपरा और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा विशेष आयोजन है। मेले में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल होते हैं। धार्मिक आयोजन के साथ यहां होने वाली गतिविधियां शहर की पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखती हैं।


