आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से अधिकारियों तक, सेवा संबंधी समस्याओं का होगा त्वरित समाधान; हर माह लगेंगे शिविर
भोपाल: महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। अब संभाग और जिला स्तर पर हर माह के प्रथम और तृतीय बुधवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक नियमित समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। इस संबंध में विभाग की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भी रख सकेंगी अपनी समस्या
इन शिविरों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका से लेकर जिला स्तर के अधिकारी-कर्मचारी तक अपनी सेवा संबंधी समस्याएं और आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। नियुक्ति, समयमान वेतनमान, पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और अन्य देय स्वत्वों से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी।
प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक प्रकरण का अभिलेख भी रखा जाएगा, ताकि उसके निराकरण की स्थिति की नियमित निगरानी की जा सके।
वेतन और अन्य देयकों के समय पर भुगतान पर जोर
आयुक्त महिला एवं बाल विकास संदीप जी.आर. ने कर्मचारियों को उनके अधिकारों और देय स्वत्वों के लिए अनावश्यक परेशानी से बचाने पर जोर दिया है। इसके साथ ही विभागीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

विभागीय कर्मचारियों के वेतन का भुगतान हर माह की पहली तारीख को सुनिश्चित करने के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय का समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा चिकित्सा देयक, यात्रा भत्ता और कर्मचारियों से जुड़े अन्य स्वत्वों के भुगतान में भी समयबद्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रकरणों की नियमित समीक्षा और रिपोर्टिंग होगी
समस्या निवारण शिविरों की जानकारी सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाई जाएगी। शिविरों में प्राप्त मामलों के निराकरण की नियमित समीक्षा की जाएगी और इसकी रिपोर्टिंग की व्यवस्था भी होगी।
विभाग का उद्देश्य है कि कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान उनके निकटतम स्तर पर पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा में किया जा सके।


