‘भरपाई नहीं हो सकती’, CM मान की पत्नी गुरप्रीत कौर ने मजीठिया, हरसिमरत बादल और खैहरा पर किया मानहानि केस
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने राज्य के तीन प्रमुख नेताओं के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शिरोमणि अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, सांसद हरसिमरत कौर बादल और कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा पर अपने खिलाफ कथित तौर पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया है। गुरप्रीत कौर ने चंडीगढ़ की अदालत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 210 और 222 के तहत शिकायत दाखिल की है। यह शिकायत भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 356 के तहत आने वाले अपराध से जुड़ी है।
24 घंटे में मांगी थी माफी, नहीं मिला जवाब
गुरप्रीत कौर ने शिकायत दर्ज कराने से पहले तीनों नेताओं को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा था। नोटिस में उनसे 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा गया था। हालांकि, उनके मुताबिक तीनों नेताओं ने माफी नहीं मांगी, जिसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया।
अपनी शिकायत में गुरप्रीत कौर ने कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि इस तरह की कथित छवि को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती।
मजीठिया पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर आरोप लगाने का आरोप
गुरप्रीत कौर के मुताबिक, बिक्रम सिंह मजीठिया ने 1 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके खिलाफ कथित तौर पर झूठे बयान दिए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मजीठिया ने दावा किया था कि गुरप्रीत कौर ने अपने एक रिश्तेदार के जरिए दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध के आरोपी को बचाने के लिए सरकारी तंत्र को प्रभावित करने के बदले पैसों की मांग की थी।
शिकायत के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग, तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए थे और दावा किया गया था कि शिकायतकर्ता के करीबी लोग पैसों के लेन-देन में शामिल थे।
‘महिला होने के बावजूद इस तरह पेश किया गया’

डॉ. गुरप्रीत कौर ने अपनी शिकायत में कहा है कि एक महिला होने के बावजूद उन्हें पैसों के लिए दुष्कर्म के आरोपी की मदद करने वाली के तौर पर पेश किया गया। उनका आरोप है कि इन बयानों से उनकी छवि, सम्मान और व्यक्तिगत पहचान को गहरी ठेस पहुंची है।
उन्होंने अदालत से अपील की है कि तीनों आरोपियों को आपराधिक मानहानि के आरोपों पर जवाब देने के लिए तलब किया जाए और भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के तहत कार्रवाई की जाए।
पूर्व जज रणजीत सिंह ने भी लगाए थे 5 करोड़ रुपये मांगने के आरोप
इस पूरे मामले की शुरुआत अगस्त 2026 में लगाए गए आरोपों से जुड़ी है। पूर्व जज रणजीत सिंह ने डॉ. गुरप्रीत कौर पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कथित तौर पर एक दुष्कर्म मामले के आरोपी से 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। आरोप यह भी लगाया गया था कि उन्होंने एक कारोबारी के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करवाने में मदद करने का प्रस्ताव दिया था।
इन आरोपों के बाद 23 अगस्त को डॉ. गुरप्रीत कौर ने रिटायर्ड जज को कानूनी नोटिस भेजा था। उन्होंने नोटिस के जरिए 5 करोड़ रुपये मांगने से जुड़े आरोपों को खारिज किया था।


