भोपाल में करंट का कहर: DB मॉल के सामने स्ट्रीट लाइट के खंभे ने ली BJP युवा मोर्चा नेता की जान, पत्नी भी आईं चपेट में
भोपाल: राजधानी भोपाल में रविवार रात सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई। वह परिवार के साथ एमपी नगर स्थित DB मॉल में खरीदारी करने पहुंचे थे। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
हादसे में दिव्यऋषि की पत्नी भी करंट की चपेट में आ गईं, लेकिन वह किसी तरह बिजली के संपर्क से खुद को अलग करने में सफल रहीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, स्ट्रीट लाइट के खंभे से एक तार बाहर निकला हुआ था और इसी वजह से खंभे में करंट आने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सड़क पार करते वक्त खंभा पकड़ते ही लगा जोरदार झटका
जानकारी के अनुसार, दिव्यऋषि तिवारी रविवार रात अपने परिवार के साथ DB मॉल में खरीदारी करने आए थे। परिवार का वाहन सड़क की दूसरी तरफ खड़ा था। खरीदारी पूरी करने के बाद परिवार के लोग सड़क पार कर रहे थे।
इसी दौरान दिव्यऋषि ने सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे को पकड़ लिया। खंभे में पहले से करंट दौड़ रहा था। संपर्क में आते ही उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा। बताया जा रहा है कि खंभे से एक तार बाहर निकला हुआ था, जिसके कारण उसमें बिजली का प्रवाह होने की आशंका है।
हादसे के समय उनकी पत्नी भी करंट की चपेट में आ गईं। हालांकि उन्होंने किसी तरह खुद को बिजली के संपर्क से अलग कर लिया। दिव्यऋषि को करंट का तेज झटका लगा और उनकी हालत गंभीर हो गई।
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने मौके पर दिया सीपीआर
हादसे के बाद DB मॉल के सामने अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी तुरंत मदद के लिए पहुंचे। ट्रैफिक हेड कांस्टेबल जगदीश दांगी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने दिव्यऋषि को मौके पर सीपीआर देने की कोशिश की।
इसके बाद उन्हें तत्काल नर्मदा अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए AIIMS ले जाने की सलाह दी। पुलिसकर्मी उन्हें AIIMS लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दिव्यऋषि तिवारी को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। खरीदारी के लिए परिवार के साथ निकले दिव्यऋषि की अचानक मौत से परिजन सदमे में हैं।
खंभे से निकला तार पुलिस ने कराया अलग

ट्रैफिक हेड कांस्टेबल जगदीश दांगी ने बताया कि परिवार ने अपना वाहन सड़क की दूसरी तरफ खड़ा किया था। सड़क पार करते समय खंभे से निकले तार की वजह से पति-पत्नी करंट की चपेट में आए। पत्नी किसी तरह बिजली के संपर्क से अलग हो गईं, लेकिन दिव्यऋषि को ज्यादा करंट लगा।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में स्ट्रीट लाइट के खंभे का संबंध मेट्रो या पीडब्ल्यूडी से होने की बात सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। हादसे के बाद पुलिस ने खंभे से बाहर निकले तार को अलग करवा दिया, ताकि वहां दोबारा कोई व्यक्ति करंट की चपेट में न आए।
खुले तार को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों और खुले तारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने हादसे के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि खंभे में करंट किस वजह से आया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि खंभे से बाहर निकला तार किस व्यवस्था का हिस्सा था और उसकी स्थिति के लिए संबंधित विभाग या एजेंसी की क्या जिम्मेदारी थी।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाने के साथ यह पता लगाया जा रहा है कि खंभे में करंट कैसे पहुंचा और वहां खुले तार की स्थिति क्यों बनी हुई थी।
जांच में यह भी सामने लाया जा रहा है कि संबंधित खंभा किस विभाग के अधीन है और बिजली का संपर्क वहां तक कैसे पहुंचा। इन सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे में किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर मौजूद तार को अलग करा दिया है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है।


