सीएम योगी ने 4543 नए दरोगाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- यूपी को लॉ फुल बनाना है, लॉ लेस नहीं
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त उप निरीक्षकों से कहा कि उन्हें जनता के विश्वास की कसौटी पर खरा उतरने के लिए तैयार रहना होगा। एक शानदार पारी खेलने के लिए बिना रुके, बिना डिगे और बिना किसी भय के आगे बढ़ते रहना जरूरी है।
एक लाख से अधिक लोगों को मिलेगी सरकारी नौकरी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने एक लाख लोगों को नौकरी देने का वादा किया था और सितंबर से लगातार नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। जल्द ही 1200 राजस्व कर्मियों, 42 हजार होमगार्ड और 32 हजार सिपाहियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा 25 हजार शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नियुक्तियां तीसरी पारी के लिए भी रखी जाएंगी।
साढ़े नौ साल में 9.50 लाख से ज्यादा भर्तियों का दावा
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सरकारी नौकरी पाना बेहद मुश्किल था। तत्कालीन सरकारों के पास न तो कोई स्पष्ट नीति थी और न ही सही नीयत। आवेदन कोई करता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे व्यक्ति को मिल जाता था।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बेईमानी से नियुक्तियां कीं, उनकी संपत्ति जब्त होने पर उन्हें खुशी होगी। योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने साढ़े नौ साल में 9.50 लाख से अधिक भर्तियां की हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार की कृपा नहीं, बल्कि उसका कर्तव्य है। वहीं, नवनियुक्त अभ्यर्थियों ने भी किसी की सिफारिश या कृपा से नहीं, बल्कि अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी हासिल की है।
न्यायपूर्ण फैसले के साथ व्यवहार में भी दिखे न्याय
कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि वर्ष 2017 में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई। उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
उन्होंने नवनियुक्त उप निरीक्षकों से कहा कि उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोगों को न्याय दिलाना है। उनका फैसला न्यायपूर्ण होना चाहिए और उनके व्यवहार में भी न्याय दिखाई देना चाहिए। पीड़ित को न्याय दिलाने से पुलिस की प्रतिष्ठा बढ़ती है। पुलिसकर्मियों की पहचान भौतिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि उनके व्यवहार और न्यायपूर्ण कार्यशैली से बनती है। उन्होंने अधिकारियों को लालच और बुरी संगत से दूर रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने की सलाह दी।
10 साल पहले यूपी की पहचान खो गई थी: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि करीब 10 साल पहले उत्तर प्रदेश ने देश में अपनी पहचान खो दी थी। प्रदेश का नाम सुनकर लोग चौंक जाते थे। उस समय भर्तियां लगभग बंद थीं और यूपी अव्यवस्था, अशांति, कर्फ्यू तथा दंगों का पर्याय बन गया था।
उन्होंने कहा कि पहले भर्ती का मतलब सैफई सिंडिकेट माना जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने इस व्यवस्था को खत्म किया है। अब प्रदेश में भाई-भतीजावाद नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश के किसी दूसरे हिस्से में घटना होने पर पीड़ित यह कहते हैं कि अगर वहां उत्तर प्रदेश पुलिस होती तो गुंडों और माफिया का इतना दुस्साहस नहीं होता।

