अर्जुन की छाल: हृदय से लेकर डायबिटीज तक में फायदेमंद, जानें इसके इस्तेमाल का तरीका
नई दिल्ली: आयुर्वेद में अर्जुन के पेड़ को प्राचीन समय से औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। विशेष रूप से इसकी छाल का इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता रहा है। अर्जुन एक बहुगुणी और सदा हरा रहने वाला वृक्ष है, जिसकी छाल में मौजूद औषधीय तत्व इसे हृदय रोग, टीबी, कान दर्द, सूजन और बुखार जैसी समस्याओं में असरदार बनाते हैं। इसमें फ्लेवोनोइड्स, टैनिन, ट्राइटरपेनोइड्स और सैपोनिन्स जैसे फाइटोकेमिकल्स के साथ अर्जुनोलिक एसिड, गैलिक एसिड और एलाजिक एसिड जैसे जरूरी यौगिक भी पाए जाते हैं।
किस-किस बीमारी में फायदेमंद है अर्जुन की छाल
डायबिटीज में असरदार:
अर्जुन की छाल ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती है। इसमें मौजूद यौगिक सूजन को कम करते हैं और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं, जिससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा होता है।
गठिया के दर्द में राहत:
अर्जुन की छाल में सूजन-रोधी गुण होते हैं जो जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। यह गठिया, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों के खतरे को भी घटा सकती है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल करे:
इस छाल का सेवन ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और दिल की सेहत को बेहतर बनाने में सहायक होता है। इसमें पाए जाने वाले टैनिन कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण दिखाते हैं, जिससे धमनियों की कार्यक्षमता बेहतर होती है और कोलेस्ट्रॉल लेवल भी घटता है।
लूज मोशन में आराम:
पाचन संबंधी समस्याओं खासकर दस्त और पेचिश में भी अर्जुन की छाल फायदेमंद साबित होती है। इसमें मौजूद टैनिन पाचन तंत्र की सूजन को कम करता है और लूज मोशन में राहत देता है।
अर्जुन की छाल का इस्तेमाल कैसे करें?
इसका पाउडर बनाकर या बाजार में उपलब्ध अर्जुन छाल पाउडर का उपयोग किया जा सकता है। रोजाना सुबह और शाम लगभग 10-10 मिलीग्राम पाउडर को दूध, चाय या गर्म पानी के साथ लिया जा सकता है।
क्या आप अर्जुन की छाल का उपयोग किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या के लिए करना चाह रहे हैं?