शरीर में दिख रहे हैं ये 5 बदलाव तो हो जाएं सावधान, हाई ब्लड शुगर का हो सकता है संकेत; डॉक्टर ने बताए चेतावनी लक्षण
नई दिल्ली: डायबिटीज के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई बार ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर कुछ ऐसे संकेत देने लगता है, जिन्हें लोग सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा रहने पर शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचानना जरूरी है। अमेरिका के एनेस्थिसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुणाल सूद ने 5 सितंबर को इंस्टाग्राम पर हाई ब्लड शुगर के पांच चेतावनी संकेत साझा किए हैं।
बार-बार और ज्यादा पेशाब आना
डॉ. सूद के मुताबिक, जब रक्त में ग्लूकोज का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो किडनी फिल्टर किए गए पूरे ग्लूकोज को वापस सोख नहीं पाती। अतिरिक्त ग्लूकोज पेशाब के साथ बाहर निकलता है और अपने साथ पानी भी खींचता है। इसके कारण व्यक्ति को सामान्य से ज्यादा और बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।
लगातार तेज प्यास लगना
बार-बार पेशाब आने के कारण शरीर से ज्यादा मात्रा में पानी निकल जाता है। इससे शरीर में पानी की कमी होने लगती है और खून गाढ़ा हो सकता है। इसके जवाब में दिमाग प्यास बढ़ाने के संकेत देता है। ऐसे में मुंह लगातार सूखा रह सकता है और पानी पीने के बाद भी प्यास पूरी तरह शांत नहीं होने की शिकायत हो सकती है।
नजर कमजोर या धुंधली होना
डॉ. सूद के अनुसार, ज्यादा ग्लूकोज आंख के लेंस में पानी के संतुलन और उसकी फोकस करने की क्षमता को कुछ समय के लिए प्रभावित कर सकता है। ब्लड ग्लूकोज के स्तर में उतार-चढ़ाव होने पर नजर में भी बदलाव महसूस हो सकता है।
वहीं, लंबे समय तक हाइपरग्लाइसेमिया यानी रक्त में ग्लूकोज का स्तर अधिक रहने से रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इससे नजर कमजोर होने की समस्या बढ़ सकती है।

चोट या घाव देर से भरना
लगातार ज्यादा ग्लूकोज का स्तर शरीर में घाव भरने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। डॉ. सूद के मुताबिक, लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने से रक्त संचार, रोग-प्रतिरोधक कोशिकाओं की कार्यक्षमता, कोलेजन बनने की प्रक्रिया और नई रक्त वाहिकाओं के निर्माण पर असर पड़ सकता है।
डायबिटीज की वजह से नसों को नुकसान पहुंचने पर चोट का पता देर से चल सकता है। इससे घाव के बिगड़ने या बार-बार खुलने का खतरा बढ़ सकता है।
बार-बार यीस्ट संक्रमण होना
बार-बार यीस्ट संक्रमण होना भी बढ़े हुए ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है। डॉक्टर के अनुसार, जब ग्लूकोज पेशाब में पहुंचता है तो ऐसा वातावरण बन सकता है, जिसमें कैंडिडा नामक फंगस आसानी से पनप सकता है।
इसके अलावा लंबे समय तक हाइपरग्लाइसेमिया रहने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो सकती है। सामान्य स्थिति में यही प्रतिरक्षा तंत्र यीस्ट को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसके कमजोर होने पर बार-बार संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है।


