थाने में शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई? तिलोकपुर में मजदूर की हत्या से पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

बाराबंकी: जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के तिलोकपुर गांव में पानी के पाइप को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मारपीट के दौरान मजदूर रज्जू गौतम की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने वारदात से एक दिन पहले ही थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। अब इस मामले में लोनी कटरा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पानी के पाइप को लेकर हुआ विवाद, मारपीट में गई जान
आरोप है कि विवाद के दौरान मनोज गौतम पुत्र बन्ने ने रज्जू गौतम के साथ मारपीट की। परिजनों के मुताबिक, हमले के दौरान रज्जू की गर्दन पर सरिया से वार किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक दिन पहले थाने पहुंचा था मृतक, दी थी लिखित शिकायत
परिजनों का कहना है कि रज्जू ने घटना से एक दिन पहले यानी 5 नवंबर 2026 को लोनी कटरा थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में उसने अपने चचेरे भाई ननकू पुत्र शालिकराम और उसकी पत्नी पर आए दिन गाली-गलौज, मारपीट और परिवार को परेशान करने का आरोप लगाया था।
शिकायत के मुताबिक, 5 नवंबर को ननकू की पत्नी ने बच्चों को गाली देने की बात कहकर रज्जू से विवाद किया। रज्जू ने आरोप को गलत बताते हुए इससे इनकार किया तो महिला ने कथित तौर पर उसे गालियां दीं और लाठी से सिर तथा कंधे पर हमला कर दिया। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने की बात भी कही गई थी।
तीन घंटे थाने में बैठने का आरोप, फिर भी नहीं हुई सुनवाई
परिजनों का आरोप है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचे रज्जू को करीब तीन घंटे तक बैठाए रखा गया, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता और विवाद को लेकर उचित कदम उठाए होते, तो शायद रज्जू की जान बच सकती थी।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
मजदूर की हत्या के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब रज्जू ने पहले ही पुलिस को विवाद और मारपीट की शिकायत दी थी, तो उस पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या शिकायत को गंभीरता से लिया गया था? फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका और शिकायत पर हुई कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय होना जरूरी है।

