रुद्राक्ष धारण से पहले जान लें शास्त्रीय नियम, एक चूक बना सकती है लाभ को नुकसान में
हिंदू धर्म और शास्त्रों में रुद्राक्ष को अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली माना गया है। भगवान शिव से जुड़ा यह दिव्य बीज न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसके आध्यात्मिक और ज्योतिषीय लाभों का भी विशेष उल्लेख मिलता है। बड़ी संख्या में लोग रुद्राक्ष की माला धारण करते हैं, लेकिन शास्त्र स्पष्ट कहते हैं कि बिना नियम जाने रुद्राक्ष पहनना लाभ की बजाय हानि का कारण भी बन सकता है।
शास्त्रों में क्यों खास है रुद्राक्ष
मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रुओं से हुई है। इसी कारण इसे शिवतत्व से जुड़ा माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, रुद्राक्ष की माला से किया गया जप सामान्य जप की तुलना में कई गुना अधिक फल प्रदान करता है और साधक की आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
बिना शुद्धिकरण न करें धारण
शास्त्रों में स्पष्ट निर्देश हैं कि बाजार से लाकर रुद्राक्ष को सीधे धारण नहीं करना चाहिए। पहले इसे गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करना आवश्यक माना गया है। इसके बाद शुभ मुहूर्त में 108 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप कर इसकी प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है। कई विद्वान इसे शिवलिंग से स्पर्श कराने की भी सलाह देते हैं, ताकि रुद्राक्ष पूरी तरह पवित्र होकर धारण के योग्य बने।
इन दिनों में पहनना माना जाता है शुभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष धारण करने के लिए अमावस्या, पूर्णिमा, सावन का महीना, सोमवार या महाशिवरात्रि का दिन सबसे उत्तम माना गया है। इन दिनों में धारण किया गया रुद्राक्ष अधिक प्रभावशाली फल देता है।
इन नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी
शास्त्र यह भी कहते हैं कि रुद्राक्ष को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। अपना पहना हुआ रुद्राक्ष किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं देना चाहिए और न ही किसी और का रुद्राक्ष स्वयं धारण करना चाहिए। नियमों की अनदेखी करने पर रुद्राक्ष से मिलने वाले शुभ फल कम हो सकते हैं या अशुभ परिणाम भी सामने आ सकते हैं।
नियमानुसार धारण करने के बताए गए लाभ
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से रुद्राक्ष धारण करने पर भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह मन को शांत रखता है, एकाग्रता बढ़ाता है और नकारात्मक ऊर्जा व बुरी नजर से रक्षा करता है। इसके साथ ही मन में आने वाले अशुद्ध विचारों से मुक्ति मिलती है और ग्रहों के दुष्प्रभाव कम होते हैं। शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि रुद्राक्ष धारण करने से कार्यों में सफलता के योग बनते हैं।
