छत्तीसगढ़

PM मोदी के जन्मदिन पर रायपुर में जले 25 लाख से ज्यादा ‘आशीर्वाद के दीये’, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ आयोजन

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर राजधानी रायपुर में लाखों दीपों की रोशनी देखने को मिली। प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत के मौके पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों ने भाग लिया। राजधानी में 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाए गए। आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किए जाने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री साय ने खुद जलाया दीप, लोगों का बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने निवास कार्यालय से दीप प्रज्वलित करने के बाद कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। छत्तीसगढ़ क्लब चौक से भगत सिंह चौक, घड़ी चौक, शारदा चौक, गौरव पथ और शंकर नगर होते हुए तेलीबांधा तालाब स्थित मुख्य समारोह स्थल तक सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में नागरिकों ने दीप जलाए।

मुख्यमंत्री साय ने रास्ते में कई स्थानों पर रुककर लोगों का उत्साह बढ़ाया और उनके साथ दीप प्रज्वलित किए।

महापुरुषों की प्रतिमाओं पर किया माल्यार्पण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घड़ी चौक स्थित भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, शारदा चौक स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भगत सिंह चौक स्थित अमर शहीद भगत सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनका स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के सेवा संकल्प को बताया प्रेरणास्रोत

तेलीबांधा मरीन ड्राइव में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़वासियों की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रसेवा को अपना संकल्प और जनसेवा को अपना ध्येय मानकर भारत की प्रतिष्ठा को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां भारती की सेवा के प्रति प्रधानमंत्री मोदी का समर्पण, उनका दृढ़ संकल्प और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर किया जा रहा प्रयास सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

25 साल की सार्वजनिक सेवा का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहे हैं। इस दौरान देश ने विकास और जनकल्याण के कई क्षेत्रों में व्यापक बदलाव देखा है।

उन्होंने कहा कि गरीबों के पक्के आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और बुनियादी अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है।

17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल दीप प्रज्वलित करने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सेवा और जनभागीदारी के संकल्प से जुड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि दीप की ज्योति समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में आशा और खुशहाली का प्रकाश पहुंचाने की प्रेरणा देती है।

इसी भावना के साथ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ आयोजन

कार्यक्रम के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’ आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किए जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि पर रायपुरवासियों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों और जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि व्यापक जनभागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया है।

‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ की भी हुई शुरुआत

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने रायपुर जिला प्रशासन की पहल ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से खासतौर पर बच्चों और युवाओं को स्क्रीन टाइम कम करने तथा पुस्तकों और पढ़ने की संस्कृति से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आज जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन पुस्तकों से जुड़ाव कल्पनाशक्ति, विचार क्षमता और व्यक्तित्व को समृद्ध करता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में पढ़ने की आदत विकसित करने की दिशा में ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ एक सार्थक पहल साबित होगी।

कार्यक्रम में नॉन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।