मध्य प्रदेश

महाकाल मंदिर की व्यवस्था पर भड़के रविंद्र पुरी महाराज, बोले- संतों से ऐसा बर्ताव तो आम श्रद्धालुओं का क्या होगा?

उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर रविंद्र पुरी महाराज के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे रविंद्र पुरी महाराज को मोबाइल जांच के नाम पर सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। आरोप है कि उन्हें चांदी गेट से प्रवेश देने में आनाकानी की गई और काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इस व्यवहार से नाराज महाराज ने मंदिर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और दिल्ली में शिकायत करने की बात भी कही है।

रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि जब मंदिर में संतों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है तो आम श्रद्धालुओं के साथ किस तरह का बर्ताव होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

मोबाइल जांच के नाम पर रोका, प्रवेश में हुई देरी

जानकारी के मुताबिक, नासिक कुंभ मेले का ध्वज फहराने के बाद रविंद्र पुरी महाराज बुधवार को उज्जैन पहुंचे थे। गुरुवार दोपहर करीब चार बजे वे भगवान महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे। उनके साथ कुछ अनुयायी भी मौजूद थे।

प्रोटोकॉल के तहत उनके लिए चांदी गेट से प्रवेश और देहरी से दर्शन की व्यवस्था तय थी। इसके बावजूद मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने मोबाइल जांच के नाम पर उन्हें रोक लिया। प्रवेश को लेकर काफी देर तक असमंजस बना रहा। रविंद्र पुरी महाराज ने सुरक्षाकर्मियों को अपनी स्थिति और निर्धारित व्यवस्था के बारे में समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें तत्काल प्रवेश नहीं दिया गया।

कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप, कार्रवाई की मांग

इस घटना से नाराज रविंद्र पुरी महाराज ने मंदिर कर्मचारियों के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में कुछ कर्मचारी आए दिन साधु-संतों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। उन्होंने संबंधित कर्मचारी का नाम भी अधिकारियों को बताया और ऐसे कर्मचारियों को तत्काल जिम्मेदारी से हटाने की मांग की।

महाराज का आरोप है कि कुछ लोगों ने मंदिर की दर्शन व्यवस्था को धंधा बना लिया है और कर्मचारियों को मनमानी करने की खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से करेंगे। इसके अलावा दिल्ली में भी अपनी बात रखेंगे।

आने वाले कुंभ मेले की व्यवस्थाओं पर भी जताई चिंता

रविंद्र पुरी महाराज ने आगामी कुंभ मेले को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में देशभर से लाखों श्रद्धालु और संत उज्जैन पहुंचेंगे। यदि मंदिर में अभी से साधु-संतों के साथ इस तरह का व्यवहार हो रहा है तो भविष्य में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी घटनाओं से धार्मिक नगरी उज्जैन और महाकाल मंदिर की छवि प्रभावित हो सकती है।

मंदिर प्रशासक से फोन पर की गई शिकायत

घटना के दौरान विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी भी मंदिर में मौजूद थे। मामले की जानकारी मिलने पर वे रविंद्र पुरी महाराज से मिलने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मंदिर प्रशासक से फोन पर बात कर व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।

इस मामले में मंदिर प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौके पर मौजूदगी नहीं होने का सवाल भी उठ रहा है। प्रोटोकॉल के तहत आने वाले इतने वरिष्ठ संत के आगमन पर अधिकारी मौके पर क्यों नहीं थे, इसे लेकर भी सवाल किए जा रहे हैं।

मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल

पूरे घटनाक्रम के बाद मंदिर प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। संतों और श्रद्धालुओं के लिए सुचारु दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करना मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी है। ऐसे में रविंद्र पुरी महाराज की शिकायत के बाद अब यह देखना होगा कि प्रशासन संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं।