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एयर फ्रायर खरीदने का सोच रहे हैं? डॉक्टर ने बता दिया किसके लिए फायदेमंद और किसके लिए बेकार है

लखनऊ: आजकल कम तेल में खाना बनाने और समय बचाने के लिए एयर फ्रायर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इसके फायदों के साथ-साथ नुकसान और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़े दावे भी सामने आते रहते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि एयर फ्रायर खरीदना सही फैसला होगा या नहीं। डॉक्टर अंशुमान कौशल के मुताबिक एयर फ्रायर के फायदे और नुकसान उसके इस्तेमाल के तरीके और उसमें पकाए जाने वाले भोजन पर काफी हद तक निर्भर करते हैं।

डॉक्टर के अनुसार एयर फ्रायर एक छोटे आकार का तेज गति वाला कन्वेक्शन ओवन है। इसमें हीटिंग कॉइल और तेज पंखे की मदद से गर्म हवा भोजन के चारों ओर घूमती है और खाना पकता है। तापमान करीब 200 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। तेज तापमान पर भोजन पकने के दौरान मेलार्ड रिएक्शन होता है, जिससे खाने का स्वाद और रंग विकसित होता है। हालांकि, खासकर आलू जैसे स्टार्च वाले खाद्य पदार्थों को बहुत ज्यादा पकाने पर एक्रिलामाइड बनने की संभावना हो सकती है। इसलिए भोजन को जरूरत से ज्यादा पकाने से बचना जरूरी है।

एयर फ्रायर में हर तरह का स्वाद नहीं मिलेगा

एयर फ्रायर में पकाया गया खाना स्वाद और बनावट के मामले में तेल में गहरे तलने वाले भोजन जैसा नहीं होता। चिकन, मछली, पनीर, सब्जियां, मखाना, फ्राइज, कटलेट, नगेट्स और पिज्जा जैसी चीजें इसमें अच्छी तरह तैयार की जा सकती हैं। वहीं ताजा जलेबी, भटूरे, पूड़ी, पकौड़े और बेहद कुरकुरे समोसे जैसे खाद्य पदार्थों में पारंपरिक तरीके से तलने जैसा स्वाद और बनावट नहीं मिल सकती।

छोटी फैमिली और कामकाजी लोगों के लिए उपयोगी

हॉस्टल में रहने वाले, अकेले रहने वाले, कामकाजी दंपती या छोटी फैमिली के लिए एयर फ्रायर उपयोगी साबित हो सकता है। इसमें कम समय में पनीर, चिकन या मखाना तैयार किया जा सकता है। बचे हुए पिज्जा को दोबारा कुरकुरा करने या सुबह जल्दी ब्रेड टोस्ट तैयार करने में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। कम तेल, कम गंध और रसोई की सफाई में कम मेहनत भी इसके फायदे हैं।

हालांकि, जिन घरों में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के लिए खाना बनता है या बार-बार पकौड़े, समोसे जैसी चीजें बनाई जाती हैं, उनके लिए एयर फ्रायर उतना उपयोगी नहीं हो सकता।

2 से 4 लोगों के लिए 2 से 4 लीटर काफी

एयर फ्रायर खरीदते समय परिवार के आकार का ध्यान रखना चाहिए। 2 से 4 सदस्यों वाली फैमिली के लिए 2 से 4 लीटर क्षमता वाला एयर फ्रायर पर्याप्त माना गया है। बड़ी फैमिली के लिए 6 से 8 लीटर क्षमता वाला मॉडल बेहतर विकल्प हो सकता है। तापमान नियंत्रित करने की सुविधा और करीब 200 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने की क्षमता उपयोगी मानी जाती है। बास्केट का बर्तन साफ करने में आसान या डिशवॉशर में सुरक्षित हो तो सुविधा और बढ़ जाती है।

गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर बढ़ सकती है परेशानी

एयर फ्रायर का इस्तेमाल करते समय कुछ आम गलतियों से बचना जरूरी है। बास्केट में जरूरत से ज्यादा तेल डालना, बहुत कम तेल का इस्तेमाल करना, बार-बार बास्केट खोलना और गीले घोल वाले पकौड़े बनाने की कोशिश करना सही तरीका नहीं है। इसके अलावा एयर फ्रायर के साथ दिए गए निर्देशों को पढ़ना भी जरूरी है, ताकि यह पता रहे कि किन चीजों को इसमें इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

सेहत के लिहाज से कितना बेहतर है एयर फ्रायर?

एयर फ्रायर में खाना पकाने से तेल का इस्तेमाल कम किया जा सकता है और कुछ मामलों में कैलोरी की मात्रा भी कम हो सकती है। खाना पकाते समय रसोई में धुआं भी कम हो सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि एयर फ्रायर में बनाया गया हर भोजन स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। फ्रोजन और अत्यधिक प्रसंस्कृत जंक फूड को एयर फ्रायर में पकाने पर भी उसके नुकसान खत्म नहीं होते।

तो क्या आपको एयर फ्रायर खरीदना चाहिए?

अगर आपकी प्राथमिकता कम तेल में खाना बनाना, समय बचाना और रसोई में कम मेहनत करना है तो एयर फ्रायर उपयोगी उपकरण हो सकता है। लेकिन अगर आप इसे मुख्य रूप से कचौड़ी, समोसे, पूड़ी या पकौड़े को पारंपरिक तरीके से तले हुए जैसा स्वाद देने के लिए खरीदना चाहते हैं, तो आपकी उम्मीद पूरी नहीं हो सकती।