डांस थेरेपी क्या है? सिर्फ नाचना नहीं, शरीर और दिमाग दोनों पर डालती है असर, जानें कैसे करती है काम
नई दिल्ली: डांस को आमतौर पर मनोरंजन या शारीरिक गतिविधि के तौर पर देखा जाता है, लेकिन शरीर की गतिविधियों, संगीत और भावनाओं के बीच संबंध को मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी विचार पर आधारित डांस मूवमेंट थेरेपी यानी डीएमटी एक रचनात्मक मनोचिकित्सा पद्धति है। इसमें नृत्य और शरीर की गतिविधियों के जरिए भावनाओं को समझने और उन्हें व्यक्त करने की कोशिश की जाती है। यह मानसिक स्वास्थ्य के साथ शरीर के तालमेल, संतुलन और लचीलेपन को बेहतर करने में भी मदद कर सकती है।
क्या होती है डांस मूवमेंट थेरेपी
डांस मूवमेंट थेरेपी में केवल बातचीत पर निर्भर रहने के बजाय शरीर की गतिविधियों और बिना बोले किए जाने वाले संचार का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार व्यक्ति अपनी भावनाओं को शब्दों में आसानी से व्यक्त नहीं कर पाता। ऐसे में शरीर की गतिविधियां उन भावनाओं को समझने और व्यक्त करने का माध्यम बन सकती हैं।
थेरेपिस्ट व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियों और भावनात्मक स्थिति के बीच संबंध को समझने में मदद करते हैं। इस प्रक्रिया में सांस लेने, शरीर की गतिविधियों और अपनी भावनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाता है। जरूरत के मुताबिक बातचीत आधारित थेरेपी को भी इसके साथ शामिल किया जा सकता है।
हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है तकनीक
डांस थेरेपी की प्रक्रिया हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती। यह इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति अपने शरीर की गतिविधियों के साथ कितना सहज है और उनके जरिए अपनी भावनाओं को किस तरह व्यक्त कर पाता है। थेरेपी के दौरान अलग-अलग तरह की शारीरिक गतिविधियां कराई जा सकती हैं।
कुछ मामलों में मिरर तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसमें व्यक्ति सामने मौजूद दूसरे व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियों को देखकर उन्हें दोहराता है। इस प्रक्रिया से भावनाओं को पहचानने और उन्हें व्यक्त करने में मदद मिल सकती है।
शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद

डांस मूवमेंट थेरेपी के दौरान शरीर के अलग-अलग हिस्सों की गतिविधियां होती हैं। इससे मांसपेशियों की सक्रियता बढ़ सकती है और शरीर के संतुलन को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा शरीर के तालमेल, मुद्रा और लचीलेपन में भी सुधार हो सकता है।
नियमित शारीरिक गतिविधियां व्यक्ति को अधिक सक्रिय और ऊर्जावान महसूस कराने में भी मदद कर सकती हैं। इस तरह डांस थेरेपी में मानसिक स्वास्थ्य के साथ शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाता है।
तनाव कम करने और मूड सुधारने में मदद
शारीरिक गतिविधियां और संगीत तनाव कम करने तथा मनोदशा बेहतर करने में मदद कर सकते हैं। डांस मूवमेंट थेरेपी व्यक्ति को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का एक वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध कराती है। इससे आत्मविश्वास बढ़ाने और अकेलेपन की भावना कम करने में मदद मिल सकती है।
समूह में की जाने वाली डांस थेरेपी लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने और सामाजिक संवाद बढ़ाने का अवसर भी देती है। इस तरह शरीर की गतिविधियों और भावनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए डांस मूवमेंट थेरेपी शरीर और मन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की प्रक्रिया के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है।


