हरियाणा में फरीदपुर की सरपंच को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने निलंबन का फैसला पलटा; नाले का रूट बदलने के आरोप में हुई थी कार्रवाई
पानीपत: हरियाणा के फरीदपुर गांव की सरपंच अनुप्रीत को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पंचायती जमीन में पानी के नाले का रूट बदलने के आरोप में तत्कालीन उपायुक्त की ओर से किए गए निलंबन के फैसले को हाईकोर्ट ने पलट दिया है। सरपंच के खिलाफ यह शिकायत गांव के ही सत्ता पक्ष की ओर से की गई थी।
पंचायती जमीन में नाले का रूट बदलने का था आरोप
सरपंच अनुप्रीत पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने गांव की पंचायती जमीन में पानी के नाले का रूट गलत तरीके से बदलवाया। इसी आरोप के आधार पर तत्कालीन उपायुक्त ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
वहीं, सरपंच पक्ष ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि नाले का रूट बदलने से पंचायत की जमीन कम होने के बजाय बढ़ी है। उनका कहना था कि पुराने रूट में पंचायत की 2 कनाल 6 मरला जमीन थी, जबकि नया रूट बनने के बाद पंचायत को 2 कनाल 13 मरला जमीन मिली।
नहर विभाग के अधिकारियों ने किया था रूट में बदलाव
सरपंच पक्ष के मुताबिक नाले के रूट में बदलाव का काम नहर विभाग के अधिकारियों ने किया था। इसके बाद पटवारी और तहसीलदार की ओर से भी इसका बाकायदा इंतकाल किया गया था।

सरपंच की ओर से कहा गया कि उनकी भूमिका केवल स्वीकृति देने तक सीमित थी। बाकी प्रक्रिया अधिकारियों को पूरी करनी थी। ऐसे में नाले का रूट बदलने की पूरी जिम्मेदारी सरपंच पर डालना उचित नहीं है।
जिला स्तर पर जांच के आदेश के बाद भी नहीं हुई जांच
मामले में कमिश्नर की ओर से जिला स्तर पर जांच के आदेश भी दिए गए थे। हालांकि, सरपंच पक्ष का कहना है कि इसके बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद उन्होंने अपने निलंबन को चुनौती देते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया।
अब हाईकोर्ट ने सरपंच अनुप्रीत को राहत देते हुए उनके निलंबन का फैसला पलट दिया है। इस फैसले के बाद फरीदपुर सरपंच की बहाली का रास्ता साफ हो गया है।


