दीवाली पर हरियाणा के अस्पतालों में रेड अलर्ट! डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द, 20 से ज्यादा बेड रहेंगे रिजर्व, जानें वजह
अस्पतालों में अलग से तैयार होंगे बर्न वार्ड
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को जलने से जुड़े मरीजों के इलाज के लिए अलग बर्न वार्ड तैयार रखने की सलाह दी है। इसके साथ ही आपातकालीन केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में ब्रोंकोडायलेटर्स, ऑक्सीजन सिलेंडर और बर्न ट्रीटमेंट किट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आतिशबाजी या किसी अन्य दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए सभी सरकारी अस्पतालों में 20 से अधिक बेड आरक्षित रखने को कहा गया है।
आंख, हड्डी और सर्जरी के डॉक्टर रहेंगे अलर्ट
दीपावली के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नेत्र रोग, हड्डी रोग और सर्जरी विशेषज्ञों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। इन विशेषज्ञों की ऑन-कॉल ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के विशेषज्ञों को त्योहार के दौरान उपलब्ध रहने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आंख और ईएनटी विशेषज्ञों की टीमें भी अस्पतालों में मौजूद रहेंगी।
बर्न मरीजों के इलाज के लिए जरूरी सामान का होगा इंतजाम
अस्पतालों में जलने से घायल मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत स्ट्रेचर, बेड, आईवी स्टैंड, आईवी सॉल्यूशन और एंटीबायोटिक्स का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इसके अलावा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में ऑक्सीजन और जरूरी दवाओं की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित करनी होगी, ताकि हादसे की स्थिति में इलाज में देरी न हो।
डॉक्टर और चिकित्सा विशेषज्ञ नहीं छोड़ सकेंगे शहर
दीपावली के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की कमी न आए, इसके लिए चिकित्सा कर्मियों और विशेषज्ञों को शहर से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बनाए रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत उपचार शुरू करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
सरकार का उद्देश्य त्योहार के दौरान पटाखों से होने वाले हादसों, जलने की घटनाओं, आंखों की चोट और सांस संबंधी समस्याओं से प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

