शरीर में सोडियम की कमी बन सकती है गंभीर खतरा, दिख सकते हैं ये चेतावनी संकेत
नई दिल्ली: हमारे शरीर के सही तरीके से काम करने के लिए सोडियम एक जरूरी इलेक्ट्रोलाइट माना जाता है। यह न केवल शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि मांसपेशियों और नसों के सही कार्य में भी अहम भूमिका निभाता है। जब खून में सोडियम का स्तर सामान्य से कम हो जाता है, तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है।
सोडियम की कमी से क्यों बढ़ती है परेशानी
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में सोडियम का स्तर कम होने की स्थिति अक्सर किसी बीमारी, अत्यधिक पसीना, डायरिया या गलत खानपान की वजह से उत्पन्न हो सकती है। हालांकि यह स्थिति सामान्य रूप से कम देखने को मिलती है, लेकिन जब यह होती है तो शरीर पर इसके असर गंभीर हो सकते हैं।
ये लक्षण दिख सकते हैं शरीर में
सोडियम की कमी होने पर शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है, जिनमें सिरदर्द, थकान, चिड़चिड़ापन, भूख कम लगना, एकाग्रता में कमी और संतुलन बिगड़ना शामिल हैं। गंभीर मामलों में उल्टी, जी मिचलाना, ऐंठन, अत्यधिक पसीना, बेहोशी और यहां तक कि कोमा जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।
शरीर के अन्य कार्यों पर भी असर
हाइपोनेट्रेमिया का असर शरीर की कई महत्वपूर्ण ग्रंथियों और हार्मोन सिस्टम पर भी पड़ सकता है। इससे थायराइड और एड्रेनल ग्लैंड की कार्यक्षमता प्रभावित होने की संभावना रहती है, जो मेटाबॉलिज्म, हार्ट रेट और शरीर के अन्य जरूरी कार्यों को नियंत्रित करती हैं।
किन स्थितियों में बढ़ सकता है जोखिम
लंबे समय तक डायरिया, अत्यधिक पानी पीना, या बहुत कम नमक वाला आहार भी शरीर में सोडियम की कमी का कारण बन सकता है। ऐसे मामलों में शरीर का इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ जाता है, जिससे कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इलाज कैसे किया जाता है
डॉक्टर सोडियम की कमी की गंभीरता के आधार पर इलाज तय करते हैं। हल्के मामलों में खानपान और तरल पदार्थों के संतुलन से सुधार किया जाता है, जबकि गंभीर स्थिति में इंट्रावेनस फ्लूड (IV) के जरिए शरीर में धीरे-धीरे सोडियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति की जाती है।
